Posts

हिन्दी सकरात्मक विचार 2024 के लिए - hindi sakratmak vichar

Image
नए वर्ष के लिए हिंदी सूविचार 2024 पूरे अच्छे से सोच विचार कर की गई तैयारी मे  जोखिम और डर नहीं होता है। संस्कार होना जरूरी इसलिए है क्योंकि यह कहीं न कहीं हमे गलत कर्मों से दूर रखता है।  आपके जीवन का सही निर्णय  आपसे बेहतर कोई नहीं ले सकता  कोशिश करे स्वयं निर्णय लेने का।  . . . . Hindi Thoughts for 2024 हिन्दी सकरात्मक विचार 2024 के लिए  नया साल नया विचार 

Kuch prashn - कुछ प्रश्न

 मित्रों आज कुछ नया करने का विचार आया मन मे तो सोचा आपसे कुछ प्रश्न करू? इससे आप लोगों के साथ थोड़ा बातचीत हो जाएगा। पहला प्रश्न : वायु से भी तेज कोन चलता है?   दूसरा : जन्म लेकर भी कोन नहीं हिलता डुलता है?  तीसरा : सबसे सुखी इंसान कोन हो सकता है? चतुर्थ : काजल से काला क्या है?  पांचवा : श्रेष्ठ धर्म क्या है?  उत्तर आपको पता है तो कमेन्ट कीजिएगा नहीं तो हम दो दिन बाद उत्तर देंगे। 

निस्वार्थ कर्म की कहानी - NISWARTH KARMA HINDI STORY

Image
निस्वार्थ कर्म एक समय की बात है। एक बार एक जंगल में एक साधु एक छोटी सी कुटिया में रहते थे। जहां पर एक नदी थी। वे दिनभर मंत्रों और भगवान के नाम का जाप करते और जंगल में मिलने वाले फल खाकर प्रसन्न रहते थे। उनकी कुटिया के पास ही बड़े-बड़े बांस के पौधे उग आए थे। संत बांस से टोकरी बनाना जानते थे। एक दिन उन्होंने मंत्र जाप करते-करते बांस से टोकरी बना दी। टोकरी बहुत ही सुंदर और मजबूत बनी थी। संत ने सोचा कि ये टोकरी मेरे लिए तो किसी काम की नहीं है। ये सोचकर उन्होंने टोकरी को नदी में बहा दिया। अब संत रोज एक टोकरी बनाते और नदी में बहा देते थे। इस काम में उन्हें आनंद आता था और समय भी कट जाता था। कुछ दिन तक तो ये क्रम चलता रहा। संत यह सोचकर ये काम कर रहे थे कि ये टोकरी किसी न किसी के काम आ जाएगी। लेकिन, एक दिन संत ने सोचा कि मैं ये काम कर रहा हूं, लेकिन इससे मुझे तो कोई लाभ नहीं हो रहा है। मुझे बिना वजह मेहनत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने टोकरी बनाना बंद कर दिया। एक दिन वे नदी किनारे टहल रहे थे। कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने देखा कि नदी किनारे एक बूढ़ी महिला बैठी है, जब वे उसके पास पहुंचे तो उन्हें मालू

धैर्य रखने के विचार patience quotes

Image
  संयम से किया हुआ कार्य की सफल होने की संभावना अधिक होती है

स्वयं लड़ना ही होगा

Image
स्वयं लड़ना ही होगा है स्वयं की कोई बाधा तो स्वयं लड़ना ही होगा राह दुर्गम हो भले ही राह पर चलना ही होगा रख के हिम्मत तू निकल चल ठोकरें खा, गिर, संभल, चल पीर होता है तो होय, हंसते मुस्काता चला चल अस्ताचल सूरज को आखिर ,फिर सुबह उगना ही होगा मन में उठते प्रश्न हैं तो ,उत्तरों की खोज कर तू सच भुवन में न मिलेगा, बन के गौतम वन विचर तू लोक में उपहास होगा, सिरफिरा भी कुछ कहेंगे राह के रोड़े भी तुमको 'पग को रोको' ही कहेंगे मानना ना हार ,काँटों से भी हो ज़्यादा प्रखर तुम बोध पाना है अगर तो ,बुद्ध तो बनना ही होगा सत्य है, संघर्ष ही तो उच्च आसन पर बिठाता है  स्वर्ण तपकर ताप में ही मोल अपना जान पाता है  नहीं आसान बिन तप ,साधना के जय कभी जय उसी की है स्वयं में जो स्वयं को जान पाता है  आँकना है खुद को तो, खुद को हमें पढ़ना ही होगा   

Growing हिन्दी विचार

 अकेले आगे बढ़ो कोई तुम्हारा साथ देगा, यह आश छोड़ दो। 

रख हौसला - rakh hosla

Image
रख हौसला, बूंद बूंद से ही सागर भरता है तेरे दिन भी बदल जायेंगे आज के सारे संघर्ष तुम्हारे भीतर कल आग बन जायेंगे तुम्हारे जीवन को एक खूबसूरत रूप में, संवार देंगे । बहुत दूर की न सोच, अड़चनों के पहाड़ को न देख कैसे तू ये मुश्किल सफर तय करेगा इसकी भी चिंता न कर, खुद पर भरोसा रख कर्म जो तेरे दिल को भाता है, उसे इतनी शिद्दत से कर की वो तेरी पूजा बन जाए वही तेरे रोते पलों में, तुझे हसाए वही तेरे अकेलेपन में, दोस्त बन कर, तेरा साथ निभाए उसी कर्म में, तुझे प्रेम का, एहसास मिले। समझ लो वह कर्म, तुम्हारे जीवन के संगीत बन जाए , जिसे गाओ तो सुकून मिले, जब न गाओ तो हर वक्त, दिल बेचैन सा लगे समझो, उस कर्म के संगीत में, डूबते ही तुम्हे तुम्हारे जीवन के, सारे दुख का, विस्मर्ण हो जाए । फिर देखना, वो समय भी आएगा तुम्हारे जीवन में, सबको एक धुन सुनाई देगी पूरी दुनिया तुम्हे सुनने को तरसेगी तुम्हे ऊंचे सम्मान से नवाजेगी तुम्हारे जीवन में, आनंद की बारिश होगी।  रख हौसला, बूंद बूंद से ही सागर भरता है तेरे दिन भी बदल जायेंगे आज के सारे संघर्ष,  तुम्हारे भीतर कल आग बन जायेंगे तुम्हारे जीवन क

LESSON OF LIFE जीवन की सीख

Image
  1.जीवन की यात्रा मे Track से उतर जाना problem नहीं है वापस track पर न चढ़ना problem है। 2. कर्म पर विश्वास रखने वाले काम करते है किस्मत पर विश्वास रखने वाले आराम । LESSON OF LIFE जीवन की सीख   सुविचार  हिन्दी वाणि

धैर्य की शक्ति - Dhairya ki shakti

Image
एकबार एक सांप ने एक मेढक को खाने के लिए मुँह मे दबोच लिया। मेढक जोरों से चिल्लाने लगा और छूटने की कोशिश करने लगा। लेकिन वह छुट नहीं सक रहा था और साँप भी उसके छटपटाहट से निगल नहीं पा रहा था। तभी उस रास्ते से एक आदमी गुजर रहा था। मेढक ने उस आदमी से मदद मांगी। तभी सांप ने उस व्यक्ति की और अपने सर को न मे हिलाया। वह आदमी समझ गया कि मेढक की मदद करूं तो सांप भूखा रह जाएगा क्योंकि वह उसका आहार है और मेढक की मदद करना उसका कर्तव्य बनता है क्योंकि उसने उसको मदद के लिए पुकारा है। कुछ देर सोचने के बाद उस आदमी ने जाते-जाते कहा सांप ने तुम्हें जब पकड़ ही लिया है तब तुम छटपटाना और चिल्लाना बंद करदो। सांप से कहा तुमने इसे पकड़ लिया है तो निगलने से पहले छोड़ना मत।  वह आदमी चले जाने के कुछ देर बाद सांप देखता है बहुत देर हो गयी है अब मेढक मर गया होगा। वह जैसे ही अपना मुँह खोलकर मेढक को छोड़ता है और दोबारा जैसे निगलने जाता है वह लंबी छलांग मार - मार कर भाग जाता है। सांप हैरानी से देखता रह जाता है।  शिक्षा - मुसीबत के समय हम अपना धैर्य खो देते है और अस्थिर हो जाते है अगर थोड़ा सा संयम रखकर हम अपनी बुद्धी